ब्रह्म संवारो फाउंडेशन के भाषा शिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ, समाज के विशिष्ट जनों का हुआ सम्मान
रायगढ़। ब्रह्म संवारो फाउंडेशन द्वारा अग्रोहा भवन, रायगढ़ में 23 सितम्बर 2026 को निःशुल्क ऑनलाइन भाषा शिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, साहित्य, भाषा, समाज सेवा एवं उद्यमिता के क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विनय चौहान थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पाठक ने की। विशिष्ट अतिथियों में विचार परिवार से विभाग प्रचारक डॉ. राजकुमार भारद्वाज, द्रौपदी चेयरमैन श्री सुनील रामदास अग्रवाल, शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. तरूणधर दीवान, भाषाविद् एवं हिंदी विषय विशेषज्ञ डॉ. मीनकेतन प्रधान, साहित्यकार एवं सेवानिवृत्त पूर्व आईएसएस डॉ. रमेशचन्द्र श्रीवास्तव, हिंदी-छत्तीसगढ़ी भाषा के साहित्यकार एवं सेवा निवृत्त शिक्षक श्री विष्णु कुमार तिवारी तथा छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज़ के उपाध्यक्ष श्री राहुल अग्रवाल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के मंच आगमन एवं आसन ग्रहण से हुआ। इसके पश्चात् स्वस्तिवाचन, बैच अलंकरण तथा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर विधिवत कार्यक्रम का आरंभ किया गया। मुख्य अतिथि एवं समस्त अतिथियों का स्वागत माल्यार्पण एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया।
महामाला से मुख्य अतिथि डॉ. विनय चौहान, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पाठक एवं विशिष्ट अतिथि श्री सुनील रामदास अग्रवाल का सम्मान रामगोपाल शुक्ल, भानु प्रताप मिश्र, पवन ओझा, वेद प्रकाश पाण्डेय, राजेश अग्रवाल, तेजराम नायक एवं अन्य सहयोगियों द्वारा किया गया। वहीं महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों ने मुख्य अतिथि एवं कार्यक्रम अध्यक्ष का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
इसके उपरांत मुख्य अतिथि डॉ. विनय चौहान ने चार मिनट के प्रेरणादायी वीडियो का प्रदर्शन कर निःशुल्क ऑनलाइन भाषा शिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। इसके बाद संस्कृत भाषा एवं भारतीय संस्कृति के गहरे संबंधों पर आधारित दस मिनट का विशेष वीडियो भी प्रदर्शित किया गया, जिसे उपस्थित जनों ने अत्यंत रुचि एवं उत्साह के साथ देखा।
स्वागत उद्बोधन में भानु प्रताप मिश्र ने संस्कृत, हिंदी एवं अंग्रेजी भाषा शिक्षण कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, ज्ञान और राष्ट्र निर्माण का आधार है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित विद्वानों, साहित्यकारों, शिक्षाविदों एवं समाजसेवियों का स्वागत करते हुए भाषा संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान समाज में विशिष्ट योगदान देने वाले सात व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। इनमें अधिवक्ता श्री नरेशचंद्र विसवाल को विधिक क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए, श्री सुशील रामदास को ‘सांझा चुल्हा’ जैसे सेवा प्रकल्प के संचालन हेतु, श्री आयुष अग्रवाल एवं श्री मुकेश अग्रवाल (भगवती) को उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए, श्री प्रेम नारायण मौर्य को सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में कार्यों के लिए, डॉ. नीरज मिश्रा को चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए तथा श्रीमती आशा शर्मा को शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान हेतु सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि, कार्यक्रम अध्यक्ष एवं सभी विशिष्ट अतिथियों ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधनों में भाषा, संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के महत्व पर प्रकाश डाला तथा ब्रह्म संवारो फाउंडेशन द्वारा संचालित भाषा शिक्षण कार्यक्रम की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षाविद् एवं हिंदी भाषा विशेषज्ञ श्री प्रकाश शर्मा ने आभार प्रदर्शन करते हुए सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। तत्पश्चात् अतिथियों का सम्मान किया गया और कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ।
समापन के पश्चात् आयोजित भव्य कवि सम्मेलन ने पूरे आयोजन को साहित्यिक गरिमा प्रदान की। कवियों एवं साहित्यकारों की रचनाओं ने उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। ब्रह्म संवारो फाउंडेशन द्वारा प्रारंभ किया गया यह भाषा शिक्षण कार्यक्रम संस्कृत, हिंदी एवं अंग्रेजी भाषाओं के प्रचार-प्रसार तथा नई पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।











